गया जी धाम एवं प्रमुख पिंडदान वेदियाँ
गया जी के पावन वेदियों का पौराणिक महत्व, दर्शन विधि एवं तीर्थयात्री मार्गदर्शिका।

विष्णुपद मंदिर
Vishnupad Templeभगवान श्री विष्णु के 40 सेमी लंबे पावन चरण चिह्न पर स्थित प्रधान पिण्डदान वेदी।

फल्गु नदी (अन्तःसलिला)
Falgu River Ghatsमाता सीता के शराप से गुप्त वाहिनी पावन नदी, जहाँ प्रथम पिण्ड तर्पण अर्पित किया जाता है।

अक्षयवट (अमर वटवृक्ष)
Akshay Vatअक्षय वटवृक्ष की छत्रछाया में पिंडदान से पितरों को अक्षय लोक व मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।

प्रेतशिला पहाड़ी
Pretshila Hillअकाल मृत्यु व अश्रांत आत्माओं की शांति एवं प्रेतबाधा मुक्ति हेतु विशेष वेदी स्थल।
माँ मंगला गौरी शक्तिपीठ
Pind Daan Wale Authentic Mediaमाँ मंगला गौरी शक्तिपीठ
Mangla Gauri Templeअति प्राचीन 51 शक्तिपीठों में से एक परम पावन देवी मंदिर, जहाँ पितृ तर्पण शुभ माना जाता है।
रामशिला पहाड़ी
Pind Daan Wale Authentic Mediaरामशिला पहाड़ी
Ramshila Hillभगवान श्री राम द्वारा राजा दशरथ के पितृ तर्पण हेतु स्थापित प्राचीन पावन वेदी।
सीता कुण्ड
Pind Daan Wale Authentic Mediaसीता कुण्ड
Sita Kundमाता सीता द्वारा महाराज दशरथ हेतु फल्गु बालू (रेत) से प्रथम पिंडदान अर्पण का ऐतिहासिक स्थल।
गया जी कैसे पहुंचें? (How to Reach Gaya Ji)
गया जी देश के सभी प्रमुख रेल, वायु एवं सड़क मार्गों से भली-भांति जुड़ा हुआ है।
रेल मार्ग द्वारा (By Train)
गया जंक्शन (Gaya Junction - GAYA) प्रमुख रेलवे स्टेशन है जो दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, वाराणसी आदि से सीधी ट्रेनों द्वारा जुड़ा है।
हवाई मार्ग द्वारा (By Flight)
गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट (GAY) शहर से केवल 10 किमी दूर है। इसके अलावा पटना एयरपोर्ट (PAT) 100 किमी (लगभग 2.5 घंटे) दूर है।
सड़क मार्ग द्वारा (By Road)
पटना, बोधगया, वाराणसी एवं रांची से राष्ट्रीय राजमार्ग NH-83 द्वारा गया जी सुगमता से पहुंचा जा सकता है। कैब सुविधा उपलब्ध है।